कुलदीप सिंह राणा/देहरादून
–गढ़वाल मंडल को मिले 12 व कुमायूँ मंडल को 08 दायित्व
-20 मे से महिलाओ के हिस्से मे आये 06 दायित्व
–दायित्व मे गढ़वाल से 02 व कुमायूँ मंडल से 04 महिला कार्यकर्त्ता शामिल.
प्रेमचंद्र अग्रवाल द्वारा मंत्री पद से त्यागपत्र के बाद से सरकार के साथ साथ उत्तराखंड भाजपा मे काफी उथल पुथल का माहौल देखने को मिल रहा है। उस पर विभिन्न कारणों से ही सही पर मुख्यमंत्री धामी की दिल्ली दौड़ भी राजनितिक संसय पैदा करने का कार्य करती रही है, जिसके दुष्प्रभाव से जनता को पुष्कर सिंह धामी का नेतृत्व भी डोलता महसूस हो रहा था। प्रदेश की जनता को इन्तजार था सूबे में मंत्रिमंडल विस्तार का लेकिन सरकार ने कर डाला दायित्व का बंटवारा। हालांकि दायित्व बंटवारे को लेकर कार्यकर्ता काफी बैचेनी से इंतजार कर रहे थे लेकिन जिन हालातों में यह दायित्व बाँटे गये हैं तो अब सवाल यह उठ रहा है कि इससे मुख्यमंत्री क्या सन्देश देने की कोशिश कर रहे है? साथ ही चारधाम यात्रा की दृष्टि से अतिमहत्वपूर्ण माने जा रहे “बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति “के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के दायित्व पर निर्णय न होना भी सवाल खडे कर रहा है।जबकि यात्रा शुरू होने मे अब ज्यादा समय शेष नहीं है।
अप्रैल माह की पहली तारीख का पहला मंगलवार अनेक भाजपाइयों के जीवन मे मंगल का संदेश लेकर आया। देर शाम मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दायित्व बंटवारे की बहुप्रतिक्षित सूची को हरी झंडी दिखा दी। 20 भाजपा कार्यकर्ताओं को प्रदेश के विभिन्न आयोग,परिषद मे अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व सलाहकार बनाया है। इनमे गढ़वाल मंडल के हिस्से मे 12 व कुमायूँ मंडल के हिस्से मे 8 दायित्व आये है दायित्व की सूची मे 06 नाम महिला कार्यकर्त्तओं के भी शामिल हैं जिनमे से 04 कुमायूँ मंडल से और 2 गढ़वाल से है।मुख्यमंत्री द्वारा जिन कार्यकर्ताओ को दायित्व सौंपे गये हैं।

उस सूची मे 2022 के विधानसभा चुनाव मे भाजपा के विरुद्ध आम आदमी पार्टी से मुख्यमंत्री का चेहरा रहें कर्नल (सेवानिवृत )अजय कोठियाल का नाम भी शामिल है,उत्तरकाशी की गँगोत्री सीट से चुनाव मैदान मे उतरे कोठियाल लगभग 6हजार वोट लेकर तीसरे पायदान पर रहे थे,चुनाव के उपरांत लगभग 13 महीने आम आदमी पार्टी मे रहने के बाद कर्नल कोठियाल ने 24 मई को बीजेपी का दामन थाम लिया था। जनपद टिहरी के मूल निवासी अजय कोठियाल को उत्तराखण्ड राज्य पूर्व सैनिक कल्याण सलाहकार समिति का अध्यक्ष बनाया गया है।

केदारनाथ सीट की दिवंगत भाजपा विधायक स्व. शैलारानी रावत की सुपुत्री ऐर्श्वया रावत को राज्य महिला आयोग मे उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है उन्हें पार्टी के पक्ष मे उपचुनाव न लड़ने का पुरुस्कार मिला है।जिला चमोली से रामचंन्द्र गौड व हरक सिंह रावत को वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद मे अध्यक्ष व उपाध्यक्ष बनाया गया है नेगी भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष भी रह चुके है और प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट के बेहद करिब है। उत्तराकाशी जनपद से रामसुन्दर नौटियाल को भागीरथी नदी घाटी प्राधिकरण मे उपाध्यक्ष का दायित्व सौंपा गया है। देहरादून से चार कार्यकर्त्ताओं को दायित्व सोंपे गये है। इनमे कुलदीप कुमार को अध्यक्ष उत्तराखण्ड वन पंचायत सलाहकार परिषद एवं श्याम अग्रवाल को आवास सलाहकार परिषद,भगवत प्रसाद मकवाना को उत्तराखण्ड सफाई कर्मचारी आयोग, रजनी रावत को समाज कल्याण योजनाएं अनुश्रवण समिति मे उपाध्यक्ष बनाया गया है। त्रिवेंद्र रावत के लोकसभा क्षेत्र जनपद हरिद्वार से मात्र एक ओम प्रकाश जमदग्नि उत्तराखण्ड पारिस्थितिकीय पर्यटन सलाहकार परिषद का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। पौड़ी जिले से ऋषि कण्डवाल को उपाध्यक्ष सिंचाई सलाहकार समिति व वीरेन्द्र दत्त सेमवाल को टिहरी से उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड हतकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषद नियुक्त है।
कुमायूँ मंडल के अंतर्गत नैनीताल जनपद से भी चार कार्यकर्त्ताओं को दायित्व दिये गये है इनमे रेनू अधिकारी व गंगा बिष्ट को राज्य महिला उद्यमिता परिषद मे अध्यक्ष व उपाध्यक्ष बनाया है साथ ही श्याम नारायण पाण्डे को उत्तराखण्ड वन एवं पर्यावरण सलाहकार समिति मे और शांति मेहरा को वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद मे उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। अल्मोड़ा जनपद से पूरन चंद नैलवाल को प्रवासी उत्तराखण्ड परिषद मे पिथौरागढ हेमराज विष्ट को उत्तराखण्ड राज्य स्तरीय खेल परिषद मे और बागेश्वर से भूपेश उपाध्याय को उत्तराखण्ड जैविक उत्पाद परिषद मे उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वहीं जनपद ऊधम सिंह नगर से सायरा बानो को उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग बनाया गया है।
इस बंटवारे से भाजपा में अंदर ही अंदर उठ रहा तूफान कितना शांत होगा यह तो आने वाला समय ही बतायेगा! लेकिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का विश्वास है कि जनहित में सौंपे गये विभागीय दायित्वों से प्रदेश में विभागीय जन कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आयेगी तथा उनके प्रभावी अनुश्रवण में भी मदद मिलेगी। हालांकि दायित्वों के उक्त बटवारे मे सरकार की तरफ से अभी यह स्पस्ट नहीं हुआ है कि इन्हे दी जाने वाली सुविधाओं के हिसाब से इन कार्यकर्ताओं को किस-किस स्तर के यह दायित्व दिये है।